जंतर-मंतर

राजनीतिक सामाजिक मुद्दों और आम आदमी की चिंताओं और सवालों को बहस की मुख्य धारा में लाने की एक कोशिश...

Thursday, February 3, 2011

राजनीति की बारीक समझ को टी वी न्यूज़ का स्थायी भाव बनाना पड़ेगा .

›
शेष नारायण सिंह मिस्र में जनता सडकों पर है. अमरीकी हुकूमत की समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करे . दुविधा की स्थिति है . होस्नी मुबारक का ज...
Tuesday, February 1, 2011

मिस्र में अमरीकी विदेशनीति की अग्नि परीक्षा की घड़ी

›
शेष नारायण सिंह काहिरा के तहरीर चौक पर आज लाखों लोग जमा हैं और हर हाल में सत्ता पर कुण्डली मारकर बैठे तानाशाह से पिंड छुडाना चाहते हैं...
Monday, January 31, 2011

मिस्र में अब ताज उछाले जायेगें ,तख़्त गिराए जायेगें .

›
शेष नारायण सिंह मिस्र के राष्ट्रपति ,होस्नी मुबारक की विदाई का वक़्त करीब आ पंहुचा है . लगता है अब वहां ज़ुल्मो-सितम के कोहे गिरां रूई क...
Sunday, January 30, 2011

अंत में उनका शरीर मंदिर बन गया था .

›
शेष नारायण सिंह आज से ठीक तिरसठ साल पहले एक धार्मिक आतंकवादी की गोलियों से महात्मा गाँधी की मृत्यु हो गयी थी. कुछ लोगों को उनकी हत्या के आ...

सावधान ! महंगाई डायन अब सरकारें खा रही है

›
शेष नारायण सिंह अपने देश में चारों तरफ मंहगाई का हाहाकार है . खाने के सामान की मंहगाई को केंद्र सरकार वाले नेता गंभीरता से नहीं ले रहे है...
2 comments:
Saturday, January 29, 2011

हिंदी आजकल फल फूल रही है

›
सुमेधा वर्मा ओझा सुमेधा वर्मा ओझा की यह टिप्पणी मेरे फेसबुक पर बीबीसी वाले लेख के बारे में थी. इसे यहाँ भी डाल दे रहा हूँ. शेष नारायण ...

रोमांस को हर मोड़ पर आवाज़ दी नक्श लायलपुरी के गीतों ने .

›
शेष नारायण सिंह गीतकार नक्श लायलपुरी की नज्मों का एक संकलन आया है .'आँगन आँगन बरसे गीत' नाम की यह किताब उर्दू में है.पिछले ५० ...
Thursday, January 27, 2011

अब कोई नहीं कहेगा कि यह बीबीसी लन्दन है

›
शेष नारायण सिंह ब्रिटिश ब्राडकास्टिंग कारपोरेशन के कई सेक्शन बंद किये जा रहे हैं . दुर्भाग्य की बात यह है कि हिन्दी सर्विस में भी बंदी...
1 comment:
Tuesday, January 25, 2011

आर एस एस ने १९४८ में तिरंगे को पैरों तले रौंदा था.

›
शेष नारायण सिंह श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराने की बीजेपी की राजनीति पूरी तरह से उल्टी पड़ चुकी है . बीजेपी की अगुवाई वाले एन डी ए के ...
1 comment:
Monday, January 24, 2011

भावनात्मक मुद्दों पर राजनीतिक पैंतरेबाजी नहीं करनी चाहिए

›
शेष नारायण सिंह राजनीति एक गंभीर विषय है . जब भी राजनीति को भावनात्मक मुद्दों के सहारे चलाने की कोशिश की जाती है, नतीजे बहुत ही भयानक होते...
Saturday, January 22, 2011

मराठी थियेटर के औरंगजेब की मौत

›
शेष नारायण सिंह मराठी थियेटर के बड़े अभिनेता,प्रभाकर पणशीकर नहीं रहे. १३ जनवरी को पुणे में उन्होंने अंतिम सांस ली .साठ से भी ज्यादा वर...
Friday, January 21, 2011

दिग्विजय का हमला और आर एस एस का बचाव,दोनों ही लोकतंत्र को मजबूती देगें

›
शेष नारायण सिंह आर एस एस के खिलाफ दिग्विजय सिंह की मुहिम एक ऊंचे दर्जे की राजनीति है . आर एस एस की हमेशा कोशिश रही है कि वह अपने आपको गैर ...
2 comments:
‹
›
Home
View web version

About Me

शेष नारायण सिंह
View my complete profile
Powered by Blogger.