जंतर-मंतर

राजनीतिक सामाजिक मुद्दों और आम आदमी की चिंताओं और सवालों को बहस की मुख्य धारा में लाने की एक कोशिश...

Thursday, November 26, 2009

वे कठिनाई और गरीबी में खुश रहना जानते थे

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शेष नारायण सिंह 'प्रभाष जी न किसी के जीवन में हस्तक्षेप करते थे और न ही अपने या अपने परिवार के जीवन में किसी का हस्तक्षेप बर्दाश्त करत...

संघी खेल में वाजपेयी बराबर के गुनाहगार

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शेषनारायण सिंह बाबरी मस्जिद के विध्वंस के १० दिन बाद गठित किये गए लिब्रहान आयोग ने अपनी जांच पूरी करके रिपोर्ट दे दी है . रिपोर्ट के कुछ अं...

भागलपुर में दंगा पीड़ितों को मदद----एक ऐतिहासिक क़दम

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शेषनारायण सिंह बीस साल पहले जब भागलपुर में दंगे हुए थे तो पूरे देश में आतंक फ़ैल गया था. मुसलमानों को चुन चुन कर मारा गया था. आर एस एस ...
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Thursday, November 19, 2009

मंत्रियों की शाहखर्ची पर लगाम ज़रूरी

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शेष नारायण सिंह कर्णाटक के मुख्य मंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद, मुख्य मंत्री बी एस येदुरप्पा जिस घर में रहने गए, वह उन्हें ठीक नहीं ...
Wednesday, November 18, 2009

बी जे पी में किसी भी गुट की मनमानी नहीं चलेगी

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शेष नारायण सिंह बी जे पी को एक बँटा हुआ घर कहकर नए संघ प्रमुख ने इस बात का ऐलान कर दिया है कि बी जे पी में किसी भी गुट की मनमानी नहीं चले...

सचिन की हैसियत के मुकाबले में बाल ठाकरे की औकात

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शेष नारायण सिंह भोजपुरी अभिनेता और गायक मनोज तिवारी के घर पर कुछ गुंडा टाइप लोगों ने हमला कर दिया और तोड़ फोड़ की. मनोज वहां थे नहीं वरना...
Monday, November 16, 2009

ओबामा ने पाकिस्तान परस्त अफसर को तैनात करके गलती की

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- शेष नारायण सिंह अमरीकी राष्ट्रपति, बराक हुसैन ओबामा ने दक्षिण एशिया में गलतियाँ करना शुरू कर दिया है..उन्होंने पाकिस्तान को अमरीका से मिल...
Thursday, November 12, 2009

भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ जनता का लामबंद होना ज़रूरी

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शेष नारायण सिंह कर्नाटक में सत्ता का संघर्ष चल रहा है. हो सकता है कि आज सब कुछ ठीक ठाक हो जाए.मुख्य मंत्री बने रहें और उनके विरोधी भी खुश ...

दूध वाले मजनूं कभी खून वाले मजनूं का स्थान नहीं ले सकते

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शेष नारायण सिंह कुछ राज्यों में हुए उप-चुनावों ने भारतीय लोकतंत्र के परिपक्व होते रूप को और मजबूती दी है. इन चुनावों के नतीजों ने यह साफ़...
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Wednesday, November 11, 2009

सारे जहां में धूम हमारी ज़बां की है।

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शेष नारायण सिंह कभी उर्दू की धूम सारे जहां में हुआ करती थी, दक्षिण एशिया का बेहतरीन साहित्य इसी भाषा में लिखा जाता था और उर्दू जानना पढ़े लि...

पूंजीवादी साम्राज्यवादी शोषक वर्ग के निशाने पर आदिवासी

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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि आदिवासियों का विकास बंदूक के साये में नहीं किया जा सकता। यह बात बहुत ही अजीब है। सवाल उठता है कि क्या ...
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Tuesday, November 10, 2009

अंबेडकर का सपना और जाति का विनाश

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पिछली सदी के सामाजिक और राजनीतिक दर्शन के जानकारों में डा. बीआर अंबेडकर का नाम बहुत ही सम्मान के साथ लिया जाता है। महात्मा गांधी के समकालीन ...
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