जंतर-मंतर

राजनीतिक सामाजिक मुद्दों और आम आदमी की चिंताओं और सवालों को बहस की मुख्य धारा में लाने की एक कोशिश...

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Sunday, March 13, 2011

लोकतंत्र

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(आदित्य राज शर्मा की कविता ,साभार उनसे पूछ कर यहाँ लगाई जा रही है ) लोकतंत्र जातियों की जंग में बदल दिया मेहेंदियों का रंग ख़ूनी रंग में...
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शेष नारायण सिंह
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